निकट दृष्टि दोष (मायोपिया), दूर एवं जरा दृष्टि दोष | Visual impairment in Hindi

आँख अर्थात हमारी दृष्टि | जिस प्रकार हमारे शरीर के विभिन्न अंगों में अनेकों प्रकार के दोष उत्पन्न हो जाते हैं तथा उस अंग को प्रभावित करती है ठीक उसी प्रकार आँख अर्थात हमारी दृष्टि में भी अनेकों प्रकार के दोष उत्पन्न हो जाते हैं, हमारी आँख अर्थात हमारी दृष्टि भी दोषों से मुक्त नहीं रह पाती हैं | आज आप आँख अर्थात हमारी दृष्टि में उत्पन्न होने वाले सामान्य दोषों निकट दृष्टि दोष (मायोपिया), दूर एवं जरा दृष्टि दोष के बारे में जानेंगे |

दृष्टि दोष के प्रकार

चलिए जानते है निकट दृष्टि दोष अर्थात मायोपिया, दूर एवं जरा दृष्टि दोष अर्थात आँख की दृष्टि से जुड़ी दोषों (निकट दृष्टि दोष अर्थात मायोपिया, दूर एवं जरा दृष्टि दोष) के बारे में | दृष्टि दोष – आंख की बीमारी से संबंधित एक शब्द है जिसमें आंख की दृष्टि से संबंधित विभिन्न दोषों का समावेश होता है | साधारणतः आंख की दृष्टि के गड़बड़ी के आधार पर दृष्टि के दोषों को तीन भागों में बांटा गया है जो कि इस प्रकार है –

  1. निकट दृष्टि दोष – (myopia)
  2. दूर दृष्टि दोष – (hypermetropia)
  3. जरा दृष्टि दोष – (presbyopia)

जानें निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) क्या है

चलिए जानते है निकट दृष्टि दोष अर्थात आँख की दृष्टि से जुड़ी दोष (निकट दृष्टि दोष) के बारे में | निकट दृष्टि दोष अर्थात मायोपिया क्या है – जब आँख से नजदीक की वस्तु स्पष्ट दिखाई देता है और दूर की वस्तु स्पष्ट दिखाई नहीं देता है तो आंख की दृष्टि की ऐसे दोष को निकट दृष्टि दोष अर्थात मायोपिया कहते हैं |

यह आंख की एक सामान्य बीमारी है | यह भी दूर दृष्टि दोष की भाँति प्रायः 40 वर्ष के बाद ही होता है | ऐसा प्रायः मोतियाबिंद की बीमारी में भी होता है | इसमें भी लोग दूर दृष्टि दोष की भाँति चश्मा लगाकर काम निकालते हैं |

जानें निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) के कारण

निकट दृष्टि दोष अर्थात मायोपिया के कारण – इस दोष में वस्तु का प्रतिबिंब आँख के रेटिना के आगे बनता है लेकिन स्पष्ट दिखाई देने के लिए वस्तु का प्रतिबिंब आँख के रेटिना पर बनना चाहिए | इसी कारण यह दोष हो जाता हैं | ऐसी घटना आँख के अंदर होने का कारण चक्षुगोलक, लेंस या कॉर्निया का बड़ा हो जाना है |

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जानें निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) के लक्षण

निकट दृष्टि दोष अर्थात मायोपिया (myopia) के लक्षण निम्नलिखित है –

  • दूर की वस्तु अच्छा से दिखाई न देना
  • नजदीक की वस्तु स्पष्ट दिखाई देना
निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) , दूर दृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया), जरा दृष्टि दोष (प्रेस्बायोपिया)
निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) , दूर दृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया), जरा दृष्टि दोष (प्रेस्बायोपिया)

जानें निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) के रोकथाम के उपाय

निकट दृष्टि दोष अर्थात मायोपिया (myopia) के रोकथाम के उपाय निम्नलिखित है –

  • आंख से लगातार कार्य न लें |
  • एक घंटा पर थोड़ा देर आराम दें |
  • दिन में दो से तीन बार आंख को साफ जल से धोएं |
  • आंख का व्यायाम अवश्य करें |
  • पौष्टिक आहार करें अथवा मल्टीविटामिन एवं मिनरल की एक गोली रोज ले |

आँख के अन्य रोग के बारे में हिंदी में अभी पढ़े | – आँख के रोग हिंदी में

जानें दूर दृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया) क्या है

दूर दृष्टि दोष क्या है – इस दृष्टिदोष में दूर की वस्तु आँख से अच्छे से दिखाएं देता है लेकिन आँख से नजदीक की वस्तु अच्छा से दिखाई नहीं देता है | यह बीमारी साधारणतः 40 वर्ष के बाद 90% लोगों को होने लगता है | इसमें लोगों को छोटे-छोटे अक्षर पढ़ने में नहीं बनता है जिसके लिए उसे चश्मा की जरूरत पड़ती है | इसमें भी लोग निकट दृष्टि दोष अर्थात मायोपिया की भाँति चश्मा लगाकर काम निकालते हैं |

जानें दूर दृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया) के कारण

दूर दृष्टिदोष के कारण – इसका मुख्य कारण आँख के चक्षुगोलक का छोटा हो जाना है | आँख के चक्षुगोलक के छोटा हो जाने से वस्तु का प्रतिबिंब आँख के रेटिना के पीछे बनता है जिससे स्पष्ट नहीं दिखाई देता है | आँख से स्पष्ट दिखाई देने के लिए वस्तु का प्रतिबिंब आँख के रेटिना पर बनना चाहिए |

जानें दूर दृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया) के लक्षण

दूर दृष्टिदोष (farsightedness) के लक्षण निम्नलिखित है –

  • दूर की वस्तु अच्छा से दिखाई देना
  • नजदीक की वस्तु अस्पष्ट दिखाई देना
  • पढ़ने से सिर दर्द और आंख दर्द होना

जानें दूर दृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया) के रोकथाम के उपाय

दूर दृष्टिदोष (farsightedness) के रोकथाम के उपाय निम्नलिखित है –

  • आंख से लगातार कार्य न लें |
  • एक घंटा पर थोड़ा देर आराम दें |
  • दिन में दो से तीन बार आंख को साफ जल से धोएं |
  • आंख का व्यायाम अवश्य करें |
  • पौष्टिक आहार करें अथवा मल्टीविटामिन एवं मिनरल की एक गोली रोज ले |

जानें जरा दृष्टि दोष (प्रेस्बायोपिया) क्या है

जरा दृष्टिदोष (presbyopia) क्या है – जरा दृष्टिदोष शब्द का अर्थ होता है – बुड्ढी आंखें | बुढ़ापें में पुस्तक, अखबार आदि पढ़ने में असुविधा होने लगती है | इसी को जरा दृष्टि दोष कहते हैं |

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जानें जरा दृष्टि दोष (प्रेस्बायोपिया) के कारण

जरा दृष्टि दोष (presbyopia) के कारण – बुढ़ापे के अवस्था में सिलिअरी मांसपेशियां कमजोर हो जाता है | इसके साथ ही साथ लेंस बड़ा हो जाता है | इससे वस्तु से जाने वाली प्रकाश के किरणें को सिलिअरी मांसपेशियां तेजी से एडजस्ट नहीं कर पाता है जिससे वस्तु का प्रतिबिंब रेटिना पर नहीं बन पाता है | इसमें वस्तु स्पष्ट नहीं दिखाई देता हैं |

जानें जरा दृष्टि दोष (प्रेस्बायोपिया) के लक्षण

जरा दृष्टिदोष (presbyopia) के लक्षण निम्नलिखित है –

  • प्रारम्भ में व्यक्ति छपी पुस्तक आदि को पढ़ते समय आंख के एकदम पास कर लेता हैं।
  • पढ़ने के बाद कभी-कभी व्यक्ति दूर की वस्तुओं को कुछ समय के लिये नहीं देख पाता है | इसका कारण आंख की समंजन की क्षमता को विश्राम की आवश्यकता होती हैं।
  • शाम के समय, थके होने पर अथवा कम रोशनी में व्यक्ति को पढ़ने में कठिनाई होती है।
  • निकट दृष्टि दोष को, दूर दृष्टि दोष को तथा जिनको दृष्टिवैषम्य है, जरा दृष्टिदोष हो सकता है।
  • इसमें लेंस लगाकर देखने की क्षमता को पुनस्थापित किया जाता है।
  • पास की कमजोर दृष्टि के लिये reading glasses लगाये जाते हैं।
  • दूर की कमजोर दृष्टि के लिये distance vision glasses लगाये जाते हैं।
  • दूर और पास दोनों दृष्टियां कमजोर होने पर bifocal glasses लगाये जाते हैं।
  • इसमें शीशे का ऊपरी भाग दूरदृष्टि ठीक रखने के लिये तथा नीचे का भाग पास की दृष्टि ठीक रखने के लिये लगाया जाता है।
  • बढ़ती उम्र के साथ जरा दृष्टिदोष भी 65 वर्ष की उम्र तक बढ़ती जाती है। 65 वर्ष की उम्र के बाद जरा दृष्टिदोष रूक जाती है।

जानें जरा दृष्टि दोष (प्रेस्बायोपिया) के रोकथाम के उपाय

जरा दृष्टिदोष (presbyopia) के रोकथाम के उपाय निम्नलिखित है –

  • आंख से लगातार कार्य न लें |
  • एक घंटा पर थोड़ा देर आराम दें |
  • दिन में दो से तीन बार आंख को साफ जल से धोएं |
  • आंख का व्यायाम अवश्य करें |
  • पौष्टिक आहार करें अथवा मल्टीविटामिन एवं मिनरल की एक गोली रोज ले |

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